Angel Chakma death case: देहरादून में त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की मौत को लेकर पुलिस जांच में नया खुलासा। नस्लीय टिप्पणी का कोई सबूत नहीं, मामला पार्टी विवाद से जुड़ा। 5 आरोपी गिरफ्तार, एक फरार। पूरी जानकारी पढ़ें।

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देहरादून में त्रिपुरा छात्र की मौत: क्या है पूरा मामला?
Angel Chakma death case: देहरादून में 24 वर्षीय त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की मौत ने पूरे देश में हलचल मचा दी। सोशल मीडिया पर इसे नस्लीय हमले से जोड़ा गया, लेकिन देहरादून पुलिस की जांच में यह दावा खारिज हो गया है। पुलिस के अनुसार, यह घटना 9 दिसंबर 2025 को सेलाकुई क्षेत्र में एक जन्मदिन की पार्टी के दौरान हुए विवाद का नतीजा थी, जो हिंसक झड़प में बदल गई। इस हमले में एंजेल को गंभीर चोटें आईं, और 26 दिसंबर को अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई।
पुलिस जांच में क्या निकला? नस्लीय टिप्पणी का कोई सबूत नहीं
देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय सिंह ने स्पष्ट किया कि जांच में नस्लीय टिप्पणी या भेदभाव का कोई प्रमाण नहीं मिला। सोशल मीडिया पर इस घटना को गलत तरीके से नस्लीय हमले के रूप में प्रचारित किया गया, लेकिन पीड़ित के परिवार और गवाहों ने भी ऐसी कोई शिकायत दर्ज नहीं की। एसएसपी ने कहा कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी है, और अगर भविष्य में कोई नया सबूत मिलता है, तो उसे शामिल किया जाएगा।
विवाद की शुरुआत: जन्मदिन पार्टी में क्या हुआ?
घटना का मूल कारण सूरज ख्वास द्वारा आयोजित, अपने बेटे के जन्मदिन की पार्टी में हुआ विवाद था। पुलिस के अनुसार, पार्टी में सामान्य बातचीत और मजाक के दौरान कुछ टिप्पणियां एंजेल और उनके भाई माइकल को आपत्तिजनक लगीं। इस पर बहस शुरू हुई, जो जल्द ही हिंसक झगड़े में बदल गई। इस दौरान एंजेल को रीढ़ और गर्दन में गंभीर चोटें आईं, जो उनकी मौत का कारण बनीं। माइकल भी घायल हुए, लेकिन उनकी स्थिति स्थिर है।
पुलिस कार्रवाई: 5 गिरफ्तार, एक आरोपी फरार
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 6 में से 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें दो नाबालिग हैं, जिन्हें सुधार गृह भेजा गया है, जबकि तीन अन्य जेल में हैं। मुख्य आरोपी यज्ञराज अवस्थी, जो नेपाली नागरिक है, फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए 25,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया है, और पुलिस ने नेपाल में उसकी तलाश के लिए टीमें भेजी हैं। जांच में सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और डिजिटल साक्ष्य जुटाए गए हैं।
पुलिस का आश्वासन: होगी कड़ी कार्रवाई
एसएसपी अजय सिंह ने कहा कि जांच पूरी तरह पारदर्शी है और दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि मामला नस्लीय नहीं, बल्कि आपसी विवाद का है। अगर कोई नया सबूत सामने आता है, तो उसे जांच में शामिल किया जाएगा। इस बीच, उत्तराखंड और त्रिपुरा के मुख्यमंत्रियों ने पीड़ित परिवार को न्याय का भरोसा दिलाया है।
एंजेल चकमा केस की मुख्य जानकारी: एक नजर में
नीचे दी गई टेबल में इस मामले की प्रमुख डिटेल्स को संक्षिप्त रूप में प्रस्तुत किया गया है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| घटना की तारीख | 9 दिसंबर 2025, सेलाकुई, देहरादून |
| पीड़ित | एंजेल चकमा (24, त्रिपुरा) और माइकल चकमा (घायल) |
| मृत्यु की तारीख | 26 दिसंबर 2025, अस्पताल में |
| कारण | जन्मदिन पार्टी में विवाद, हिंसक झड़प, रीढ़ और गर्दन में गंभीर चोटें |
| नस्लीय टिप्पणी का दावा | पुलिस जांच में कोई सबूत नहीं, सोशल मीडिया पर गलत प्रचार |
| आरोपी | 6 में से 5 गिरफ्तार (2 नाबालिग, 3 जेल में), यज्ञराज अवस्थी फरार |
| पुलिस कार्रवाई | 25,000 रुपये का इनाम, नेपाल में तलाश, सीसीटीवी और गवाहों के बयान जुटाए |
| आश्वासन | निष्पक्ष जांच, दोषियों को कड़ी सजा, मुख्यमंत्रियों का समर्थन |
निष्कर्ष: सतर्कता और जागरूकता जरूरी
यह घटना हमें आपसी विवादों को सुलझाने में सतर्कता बरतने की सीख देती है। सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि के खबरें फैलाने से बचें और हमेशा आधिकारिक सूत्रों पर भरोसा करें। अधिक जानकारी के लिए देहरादून पुलिस या त्रिपुरा सरकार के आधिकारिक बयानों को देखें।










