KL Rahul Century in Rajkot: केएल राहुल ने 793 दिनों के बाद वनडे में शतक ठोका! जानें कैसे उन्होंने मुश्किल हालात में भारत की पारी संभाली, सीटी बजाकर मनाया जश्न और क्रिकेट प्रेमियों के दिल जीत लिए। पूरी विस्तृत रिपोर्ट और आंकड़े पढ़ें।

Fresh Deals With Big Discounts!
राजकोट के मैदान पर भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए वनडे मुकाबले में टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज केएल राहुल ने एक यादगार और ज़रूरी शतकीय पारी खेली। यह न सिर्फ उनका वनडे क्रिकेट में 8वां शतक था, बल्कि यह उनकी बल्लेबाजी का एक ऐसा पल था जिसका वो लगभग 793 दिनों से इंतज़ार कर रहे थे। इस शतक की खास बात यह रही कि टीम के तीन प्रमुख बल्लेबाजों के शीघ्र आउट होने के बाद राहुल ने संयम और आक्रामकता का अनूठा संगम पेश करते हुए भारत की पारी को संभाला और एक मज़बूत स्कोर तक पहुँचाया।
KL Rahul Century in Rajkot Viral Video
राहुल ने अपना शतक पूरा करने के बाद जिस तरह से सीटी बजाकर जश्न मनाया, वह तस्वीर और वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गए, जो उनके इस पल की खुशी और राहत को दर्शाते हैं।
केएल राहुल के शतक की मुख्य बातें: एक नज़र में
नीचे दी गई तालिका में राहुल की इस ऐतिहासिक पारी के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं को समेटा गया है:
| विवरण | विवरण |
|---|---|
| मैच | भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया, राजकोट वनडे |
| रन | 112 रन (नाबाद, 92 गेंद) |
| स्ट्राइक रेट | 122 |
| सीमाएं | 12 चौके, 1 छक्का |
| शतक का प्रकार | वनडे क्रिकेट में 8वां शतक |
| पिछला वनडे शतक | 12 नवंबर, 2023 (नेदरलैंड्स के खिलाफ) |
| बिना शतक का अंतराल | 793 दिन |
| शतक पूरा करने पर | छक्का लगाकर, बल्ला हवा में लहराया और सीटी बजाकर जश्न मनाया |
| टीम की स्थिति | रोहित, विराट और अय्यर के शीघ्र आउट होने के बाद संकट की स्थिति |
| महत्वपूर्ण साझेदारी | रवींद्र जडेजा के साथ 73 रन (88 गेंद), नीतीश रेड्डी के साथ 57 रन (49 गेंद) |
| टीम का स्कोर | 50 ओवर में 284 रन |
क्यों खास है यह शतक?
1. लंबे इंतज़ार का अंत
केएल राहुल का आखिरी वनडे शतक 12 नवंबर, 2023 को नेदरलैंड्स के खिलाफ आया था। उसके बाद से वो कई बार अर्धशतक लगा चुके थे, लेकिन तीन अंकों के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाए थे। 793 दिनों के इस लंबे अंतराल के बाद मिला यह शतक उनकी लगन और धैर्य का प्रतीक है।
2. संकट में खेली गई जिम्मेदारी भरी पारी
जब राहुल क्रीज पर आए, तब टीम इंडिया परेशानी में थी। शीर्ष क्रम के बल्लेबाज सस्ते में आउट हो गए थे। ऐसे में राहुल ने नंबर 5 पर बैटिंग करते हुए पहले पारी को स्थिर किया और फिर अंत ओवर्स में तेज़ रफ्तार से रन बनाकर भारत को प्रतिष्ठित स्कोर तक पहुँचाया। यह पारी उन्हें टीम का विश्वसनीय संकटमोचक साबित करती है।
3. आक्रामकता और संयम का सही मेल
राहुल ने अपनी पारी की शुरुआत सावधानी से की, लेकिन जैसे-जैसे पारी आगे बढ़ी, उन्होंने शॉट्स खेलने में कोई कोताही नहीं बरती। 122 के स्ट्राइक रेट से बनाए गए 112 रन इस बात का सबूत हैं कि उन्होंने रन-गति के संतुलन को बखूबी बनाए रखा।
4. सीटी वाला यादगार जश्न
शतक पूरा होते ही राहुल का सीटी बजाकर जश्न मनाना प्रशंसकों के बीच खूब पसंद किया गया। यह उनके राहत भरे पल और आंतरिक उमंग को दिखाता है, जो क्रिकेट के मानवीय पक्ष को सामने लाता है।
निष्कर्ष: फॉर्म में लौटते राहुल का संकेत
केएल राहुल का यह शतक न सिर्फ एक पारी की जीत है, बल्कि यह एक बेहतरीन खिलाड़ी के आत्मविश्वास और फॉर्म में वापसी का संकेत है। विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट से पहले उनका इस तरह से जिम्मेदारी निभाना और बड़ी पारी खेलना टीम इंडिया के लिए एक शुभ संकेत है। राजकोट की इस पारी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जब टीम को सबसे ज़्यादा ज़रूरत होती है, तब केएल राहुल अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का दम रखते हैं।










