US Military Launches Strikes in Syria Against Islamic State: सीरिया में अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद ट्रंप प्रशासन ने ISIS के 70 ठिकानों पर हवाई हमले किए। यह प्रतिशोधी कार्रवाई है, जिसमें विभिन्न लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल हुआ। जानिए पूरी घटना, ट्रंप की धमकी और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव।

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परिचय: अमेरिका का प्रतिशोधी अभियान
US Military Launches Strikes in Syria Against Islamic State: अमेरिका ने सीरिया में इस्लामिक स्टेट (ISIS) के खिलाफ एक मजबूत सैन्य कार्रवाई शुरू की है। हाल ही में अमेरिकी सैनिकों और एक नागरिक की हत्या के जवाब में ट्रंप सरकार ने हवाई हमलों का सहारा लिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह किसी बड़े युद्ध की शुरुआत नहीं है, बल्कि अपने लोगों की सुरक्षा के लिए लिया गया बदला है। इस अभियान में मध्य सीरिया के उन क्षेत्रों को लक्षित किया गया, जहां ISIS के हथियार और बुनियादी ढांचे मौजूद थे। आगे भी ऐसे हमलों की संभावना जताई जा रही है।
हमले में इस्तेमाल हुए हथियार और विमान
इस बड़े पैमाने के ऑपरेशन में अमेरिका ने उन्नत सैन्य उपकरणों का उपयोग किया। एफ-15 ईगल जेट, ए-10 थंडरबोल्ट हमलावर विमान और एएच-64 अपाचे हेलीकॉप्टर मुख्य रूप से शामिल थे। इसके अलावा, जॉर्डन से एफ-16 लड़ाकू विमान और HIMARS रॉकेट सिस्टम भी तैनात किए गए। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिका अपने नागरिकों की रक्षा के लिए हमेशा तैयार है और पीछे हटने का नाम नहीं लेगा।
ट्रंप की सख्त प्रतिक्रिया और धमकी
US Military Launches Strikes in Syria Against Islamic State: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीरियाई रेगिस्तान में हुई गोलीबारी को ISIS की साजिश बताते हुए कड़े कदम उठाने की प्रतिज्ञा की थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर ISIS के गढ़ों को निशाना बनाने की जानकारी दी। ट्रंप ने सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल-शारा का समर्थन दोहराया, जो अमेरिका के आतंकवाद विरोधी प्रयासों में साथ दे रहे हैं। ट्रंप ने आतंकवादियों को चेतावनी दी कि अमेरिकियों पर कोई भी हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसका जवाब पहले से ज्यादा कड़ा होगा। यह घटना असद शासन के पतन के बाद अमेरिका-सीरिया संबंधों की मजबूती की परीक्षा है।
सीरिया की प्रतिक्रिया और अंतरराष्ट्रीय सहयोग
सीरिया के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि यह हमला आतंकवाद से लड़ने के लिए वैश्विक सहयोग बढ़ाने की जरूरत को रेखांकित करता है। सीरिया ISIS को अपनी जमीन पर कोई पनाह नहीं देने के लिए प्रतिबद्ध है और जहां कहीं खतरा हो, वहां कार्रवाई जारी रखेगा। ISIS ने अमेरिकी सैनिकों पर हमले की जिम्मेदारी नहीं ली, लेकिन अन्य हमलों में अपनी भूमिका स्वीकार की है। अल-शारा सरकार को ISIS लंबे समय से अपना दुश्मन मानता है।
लक्षित क्षेत्र और प्रभाव
US Military Launches Strikes in Syria Against Islamic State: हमलों में दीर एज-जोर, रक्का और पल्मायरा के पास जबल अल-अमौर जैसे ग्रामीण इलाकों को निशाना बनाया गया। ये जगहें ISIS के हथियार गोदामों और मुख्यालयों के रूप में इस्तेमाल हो रही थीं। ट्रंप ने शहीद सैनिकों के परिवारों से मुलाकात की और उनके सम्मान में समारोह आयोजित किया।
महत्वपूर्ण जानकारी की संक्षिप्त तालिका
| श्रेणी | विवरण |
|---|---|
| हमले की तारीख | 19 दिसंबर 2025 |
| लक्षित ठिकाने | 70 ISIS ठिकाने, मुख्य रूप से मध्य सीरिया में हथियार और बुनियादी ढांचे |
| इस्तेमाल हुए विमान | एफ-15 ईगल, ए-10 थंडरबोल्ट, एएच-64 अपाचे, एफ-16 (जॉर्डन से), HIMARS रॉकेट |
| अमेरिकी हताहत | सार्जेंट एडगर ब्रायन टोरेस-टोवर (25), सार्जेंट विलियम नथानिएल हॉवर्ड (29), अयाद मंसूर सकात (ट्रांसलेटर) |
| घायल | तीन अन्य अमेरिकी सैनिक और सीरियाई बलों के सदस्य |
| हमलावर की जानकारी | ISIS से जुड़ा संदिग्ध, सीरियाई सुरक्षा बलों में हाल ही में शामिल |
| ट्रंप की चेतावनी | अमेरिकियों पर हमला करने वालों को कड़ा जवाब मिलेगा |
| सीरिया का रुख | ISIS के खिलाफ पूर्ण समर्थन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की अपील |
| ISIS की जिम्मेदारी | अमेरिकी हमले की नहीं ली, लेकिन अन्य हमलों की स्वीकार की |
निष्कर्ष: आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता
US Military Launches Strikes in Syria Against Islamic State: यह घटना दिखाती है कि आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक स्तर पर मजबूत कार्रवाई की जरूरत है। अमेरिका और सीरिया का सहयोग इस दिशा में एक सकारात्मक कदम है, जो भविष्य में और मजबूत हो सकता है। ट्रंप की नीति स्पष्ट है: अमेरिकी हितों की रक्षा सर्वोपरि है।










