NASA Artemis II Mission: नासा का विशाल मून रॉकेट लॉन्चपैड पर पहुंचा, 50 साल बाद अंतरिक्ष यात्रियों की चाँद पर जाने की तैयारी

NASA Artemis II Mission: नासा का स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) रॉकेट कैनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्चपैड तक पहुंच गया है, जहां से फरवरी में अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की परिक्रमा करेंगे। यह मिशन अपोलो कार्यक्रम के बाद पहला मानवयुक्त चंद्र अभियान है, जो नई तकनीकों और चुनौतियों से भरा हुआ है। जानिए पूरी डिटेल्स।

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Nasa Artemis II Mission: नासा का विशाल मून रॉकेट लॉन्चपैड पर पहुंचा, 50 साल बाद अंतरिक्ष यात्रियों की चाँद पर जाने की तैयारी
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परिचय: एक ऐतिहासिक कदम की शुरुआत

नासा का नया विशाल चंद्र रॉकेट अब लॉन्चपैड पर पहुंच चुका है, जो अंतरिक्ष यात्रियों को आधे से अधिक सदी बाद चंद्रमा के चारों ओर ले जाने की तैयारी में है। यह यात्रा फरवरी में शुरू हो सकती है, जो मानव इतिहास में एक नया अध्याय लिखेगी। 98 मीटर ऊंचा यह रॉकेट कैनेडी स्पेस सेंटर के वाहन असेंबली भवन से धीरे-धीरे लॉन्चपैड तक पहुंचा, जहां हजारों लोग इस दृश्य को देखने के लिए इकट्ठा हुए थे।

रॉकेट का सफर: धीमी लेकिन शानदार यात्रा

सुबह के समय शुरू हुई यह यात्रा रात तक चली, जहां रॉकेट 1 मील प्रति घंटे की रफ्तार से 4 मील का सफर तय कर लॉन्चपैड पर पहुंचा। स्पेस सेंटर के कर्मचारी और उनके परिवार ठंडी सुबह में इस लंबे समय से प्रतीक्षित घटना को देखने के लिए एकत्र हुए। यह भवन 1960 के दशक में बनाया गया था, जो अपोलो कार्यक्रम के सैटर्न वी रॉकेटों के लिए इस्तेमाल होता था। नासा के नए प्रशासक जेरेड इसाकमैन और मिशन के चार अंतरिक्ष यात्री इस उत्साह का नेतृत्व कर रहे थे। क्रू कमांडर रीड वाइसमैन ने कहा, “यह दिन अविस्मरणीय है, यह हमें विस्मित कर देता है।”

रॉकेट का कुल वजन 5 मिलियन किलोग्राम है, जिसमें ओरियन क्रू कैप्सूल भी शामिल है। इसे अपोलो और शटल युग के ट्रांसपोर्टर पर ले जाया गया, जो एसएलएस की अतिरिक्त भारी क्षमता के लिए अपग्रेड किया गया था।

मिशन की चुनौतियां और तैयारी

NASA Artemis II Mission: यह स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) का दूसरा लॉन्च होगा। पहला लॉन्च नवंबर 2022 में हुआ था, जहां एक खाली ओरियन कैप्सूल चंद्रमा के चारों ओर घूमा था। नासा के जॉन हनीकट ने कहा, “इस बार अंतरिक्ष यात्रियों को रॉकेट पर भेजना पूरी तरह अलग अनुभव है।” पहले टेस्ट फ्लाइट में हीट शील्ड की क्षति और अन्य समस्याओं के कारण विस्तृत जांच और परीक्षण किए गए, जिससे यह पहला क्रू मिशन अब तक टलता रहा।

NASA Artemis II Launch Date: इस मिशन में अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा पर उतरेंगे नहीं, बल्कि सिर्फ उसकी परिक्रमा करेंगे। असली लैंडिंग आर्टेमिस कार्यक्रम के तीसरे चरण में कुछ साल बाद होगी। फरवरी के शुरू में रॉकेट का ईंधन परीक्षण होगा, उसके बाद लॉन्च की तारीख तय की जाएगी। एजेंसी के पास फरवरी के पहले हाफ में सिर्फ पांच दिन का विंडो है, अन्यथा मार्च तक इंतजार करना पड़ेगा।

NASA Artemis II Mission
NASA Artemis II Mission

अंतरिक्ष यात्री: अनुभवी टीम की कमान

यह 10-दिवसीय मिशन अपोलो 17 के बाद पहला मानवयुक्त चंद्र अभियान होगा, जो 1972 में समाप्त हुआ था। क्रू में शामिल हैं: कमांडर रीड वाइसमैन, पायलट विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच (सभी अनुभवी नासा अंतरिक्ष यात्री), और कनाडाई अंतरिक्ष यात्री जेरेमी हैंसेन, जो अपनी पहली रॉकेट यात्रा का इंतजार कर रहे हैं।

यह अपोलो कार्यक्रम के बाद पहली बार है जब इंसान चंद्रमा के इतने करीब पहुंचेंगे। अपोलो में 12 अंतरिक्ष यात्री चंद्र सतह पर चले थे, जिनमें से सिर्फ चार जीवित हैं। सबसे उम्रदराज बज एल्ड्रिन 96 वर्ष के हो चुके हैं। वाइसमैन ने कहा, “बचे हुए चंद्र यात्री बेहद उत्साहित हैं कि हम फिर से चंद्रमा की ओर जा रहे हैं और वे चाहते हैं कि इंसान पृथ्वी से चाहे जितना भी दूर हो, अज्ञात को खोजे।”

महत्वपूर्ण जानकारी

नीचे दी गई तालिका में इस मिशन की मुख्य जानकारी को संक्षिप्त रूप में दर्शाया गया है।

विशेषताविवरण
रॉकेट का नामस्पेस लॉन्च सिस्टम (एसएलएस)
ऊंचाई98 मीटर (322 फीट)
वजन5 मिलियन किलोग्राम
यात्रा की दूरी4 मील
यात्रा की गति1 मील प्रति घंटा (1.6 किमी/घंटा)
मिशन का नामआर्टेमिस II
अंतरिक्ष यात्रीरीड वाइसमैन (कमांडर), विक्टर ग्लोवर (पायलट), क्रिस्टीना कोच, जेरेमी हैंसेन
मिशन की अवधि10 दिन
लॉन्च की संभावित तारीखफरवरी 2026 के शुरू में
पिछला लॉन्चनवंबर 2022 (खाली कैप्सूल)
ऐतिहासिक महत्वअपोलो 17 (1972) के बाद पहला मानवयुक्त चंद्र मिशन

निष्कर्ष: चंद्रमा की ओर नई उड़ान

NASA Artemis II Mission: यह मिशन नासा के आर्टेमिस कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो भविष्य में चंद्रमा पर स्थायी उपस्थिति स्थापित करने की दिशा में कदम है। अंतरिक्ष अन्वेषण के प्रेमी इस घटना से उत्साहित हैं, क्योंकि यह हमें अज्ञात की खोज की ओर ले जा रहा है। क्या आप इस मिशन के बारे में और जानना चाहते हैं?

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नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम नीरज लोहनी है। मैं इस ब्लॉग का लेखक और संस्थापक हूं और इस वेबसाइट के माध्यम से 8 साल से भी अधिक समय से ज्ञान, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, मनोरंजन, सरकारी योजनाएं, रोजगार, सामाजिक मुद्दे, स्वास्थ्य, शिक्षा और खेल से संबंधित सभी जानकारी साझा करता हूं।

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