UP SIR Update: नोएडा-गाजियाबाद में 10 लाख से अधिक वोटरों के नाम होंगे डिलीट! जानें क्या हैं बचाव के तरीके

UP SIR Update: उत्तर प्रदेश के नोएडा और गाजियाबाद में SIR वोटर लिस्ट रिवीजन में लाखों नाम ASD कैटेगरी में चिह्नित। जानिए अनमैप्ड वोटरों की स्थिति, नाम बचाने के लिए क्या करें, ड्राफ्ट लिस्ट कब आएगी और क्लेम कैसे फाइल करें। 2025 के लेटेस्ट अपडेट्स के साथ पूरी जानकारी।

Join WhatsApp Join Now
Join Telegram Join Now
UP SIR Update: नोएडा-गाजियाबाद में 10 लाख से अधिक वोटरों के नाम होंगे डिलीट! जानें क्या हैं बचाव के तरीके
UP SIR Update: नोएडा-गाजियाबाद में 10 लाख से अधिक वोटरों के नाम होंगे डिलीट! जानें क्या हैं बचाव के तरीके
Add as a preferred sourceAdd wahindiawah.com as a preferred source

Fresh Deals With Big Discounts!

परिचय: यूपी में वोटर लिस्ट की विशेष जांच से लाखों नामों पर संकट

UP SIR Update: उत्तर प्रदेश में चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया 22 साल बाद शुरू हुई है, जो 1 जनवरी 2026 को क्वालीफाइंग डेट के साथ इलेक्टोरल रोल को अपडेट कर रही है। एनसीआर के नोएडा (गौतम बुद्ध नगर) और गाजियाबाद जिलों में इस जांच के दौरान हैरान करने वाले नतीजे सामने आए हैं।

लाखों वोटरों को एब्सेंट, शिफ्टेड, डेड या डुप्लीकेट (ASD) के रूप में चिह्नित किया गया है, जिससे उनके नाम वोटर लिस्ट से हटने का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। इसके अलावा, कई वोटरों को ‘अनमैप्ड’ कैटेगरी में रखा गया है। अगर आप इन जिलों के निवासी हैं, तो अपना स्टेटस चेक करें और समय रहते कार्रवाई करें। आइए, लेटेस्ट अपडेट्स के साथ विस्तार से समझें।

नोएडा में ASD और अनमैप्ड वोटरों की स्थिति: 4.5 लाख नामों पर खतरा

गौतम बुद्ध नगर जिले में कुल 18.7 लाख वोटर हैं, जिनमें से करीब 4.5 लाख (लगभग 24%) को ASD कैटेगरी में डाला गया है। यह आंकड़े 17 दिसंबर 2025 के अपडेट के अनुसार हैं। ब्रेकडाउन इस प्रकार है:

  • नोएडा विधानसभा (7.7 लाख वोटर): 27% ASD, जिसमें 1% से अधिक मृत, 11% अनट्रेसेबल (एब्सेंट), 13% परमानेंट शिफ्टेड और 1% से ज्यादा डुप्लीकेट।
  • दादरी (7.3 लाख वोटर): 19.5% ASD।
  • जेवर (3.7 लाख वोटर): 19% ASD।

इसके अलावा, 17% वोटर अनमैप्ड हैं, यानी उनकी डिटेल्स 2003 की बेसलाइन वोटर लिस्ट से मैच नहीं हो पाईं। 12 दिसंबर के अपडेट में 75% फॉर्म डिजिटाइज्ड हैं, लेकिन केवल 58% मैप्ड। एडिशनल डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर अतुल कुमार ने कहा, “BLOs को ASD एंट्रीज की री-वेरिफिकेशन का आदेश दिया गया है, ताकि ड्राफ्ट पब्लिश होने के बाद क्लेम कम हों।”

गाजियाबाद के चौंकाने वाले आंकड़े: 10 लाख से ज्यादा ASD, 37% अनमैप्ड

गाजियाबाद जिले में 28.4 लाख वोटरों में से 10 लाख से अधिक (36%) को ASD में चिह्नित किया गया है, जो नाम हटने की कगार पर हैं। विधानसभा-वार डिटेल्स:

  • सहिबाबाद (10.4 लाख वोटर): 44% ASD, जिसमें 21% अनट्रेसेबल, 19% शिफ्टेड और 2% मृत।
  • अन्य क्षेत्र जैसे लोनी, मुरादनगर, गाजियाबाद सिटी और मोदी नगर: 24% से 36% ASD।

37% वोटर अनमैप्ड हैं, जबकि 59% फॉर्म डिजिटाइज्ड और केवल 24% मैप्ड। एडिशनल इलेक्टोरल ऑफिसर सौरभ भट्ट ने बताया, “एक्सटेंडेड पीरियड में BLOs को डिजिटाइजेशन पूरा करने और ASD वोटरों की सटीक वेरिफिकेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।”

ASD और अनमैप्ड का मतलब क्या है? नाम हटने से कैसे बचें

  • ASD वोटर: ये वे हैं जो घर-घर जांच में नहीं मिले (एब्सेंट), कहीं और चले गए (शिफ्टेड), मर चुके हैं (डेड) या दो जगह रजिस्टर्ड (डुप्लीकेट)। इनके नाम ड्राफ्ट लिस्ट से हट सकते हैं, लेकिन अलग लिस्ट में पब्लिश होंगे। अगर आपका नाम इसमें है, तो BLO से संपर्क करें, एन्यूमरेशन फॉर्म भरें और रसीद लें।
  • अनमैप्ड वोटर: हालिया रजिस्ट्रेशन वाले जिनकी डिटेल्स पुराने रिकॉर्ड्स से लिंक नहीं हो पाईं। इन्हें ड्राफ्ट में शामिल किया जाएगा, लेकिन नोटिस मिलेगा। प्रमाण पत्र दिखाकर वेरिफाई कराएं।

चुनाव आयोग की वेबसाइट पर ASD लिस्ट उपलब्ध है। अगर गलती है, तो क्लेम फाइल करें।

महत्वपूर्ण टाइमलाइन: ड्राफ्ट से फाइनल रोल तक का सफर

SIR की गिनती 26 दिसंबर 2025 तक बढ़ाई गई थी (मूल रूप से 11 दिसंबर)। अब:

  • ड्राफ्ट रोल पब्लिश: 31 दिसंबर 2025।
  • क्लेम और ऑब्जेक्शन: 31 दिसंबर से 22 जनवरी 2026 तक (मिंट अपडेट के अनुसार, लेकिन यूपी के लिए कन्फर्मेशन लंबित)।
  • फाइनल रोल: 14 फरवरी 2026।

पूरे यूपी में 2.5 करोड़ से ज्यादा वोटर डुप्लीकेट या संदिग्ध पाए गए हैं, जिससे बड़े पैमाने पर डिलीशन की आशंका है। राष्ट्रीय स्तर पर 11 राज्यों/यूटी में 3.68 करोड़ नाम हटाए गए।

निष्कर्ष: अपना वोटर स्टेटस चेक करें, लोकतंत्र में हिस्सा बनें

उत्तर प्रदेश की इस SIR प्रक्रिया से वोटर लिस्ट को साफ-सुथरा बनाने का प्रयास है, लेकिन लाखों नामों पर खतरा है। खासकर शहरी इलाकों में माइग्रेशन और रेंटेड हाउसिंग के कारण ये समस्याएं ज्यादा हैं। चुनाव आयोग सभी से अपील कर रहा है कि वेबसाइट या BLO से स्टेटस वेरिफाई करें। अगर अनमैप्ड या ASD में हैं, तो तुरंत डॉक्यूमेंट्स जमा करें। इससे न सिर्फ आपका वोट बचेगा, बल्कि चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी बनेगी। ज्यादा जानकारी के लिए ECI की साइट विजिट करें!

Recommended Stories

नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम नीरज लोहनी है। मैं इस ब्लॉग का लेखक और संस्थापक हूं और इस वेबसाइट के माध्यम से 8 साल से भी अधिक समय से ज्ञान, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, मनोरंजन, सरकारी योजनाएं, रोजगार, सामाजिक मुद्दे, स्वास्थ्य, शिक्षा और खेल से संबंधित सभी जानकारी साझा करता हूं।

Leave a Comment

Close Ad